Collection of poem
गुरुवार, 25 जून 2015
ज़मीनों आसमां से तंग है तो छोड़ दे उनको
मगर पहले नए पैदा जमीन आसमां तो कर लें ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें