Collection of poem
शनिवार, 19 मई 2012
हालात से समझोता हम रोज करते हैं.....
एक जख्म नहीं भरता सो जख्म करते हैं...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें