Collection of poem
शुक्रवार, 15 जून 2012
अहसास बदल जाते हें ....बस ओर कुछ नहीं .....
वरना मोहब्बत ओर नफरत दोनों एक ही दिल से होती है....
गुरुवार, 14 जून 2012
उठके उसकी महफ़िल से जब चला था में ...
दूर तक मनाने फिर याद उसकी आयी थी ...
इतना ना याद आया करो कि रात भर हम सो न सकें ....
...सुबह सुर्ख आंखों की वजह पूछते हें तेरे शहर के लोग .....
शनिवार, 9 जून 2012
आँगन में लगे पेड़ से उल्फत नहीं होती ..
छांव की किसको जरुरत नहीं होती...
नई पोस्ट
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)